हाइकु सृजन शब्द – प्रभात
१) जागो रे कान्हा
गैया रंभा रही हैं
हुआ प्रभात।
२) प्रभात बेला
बरसता अमृत
तुम क्यों सोए ?
३) निकल पड़े
लिए हल हाथ में
प्रभात होते ।
४) प्रभात काल
एक नयी सुबह
ईश्वर कृपा।
५) रात्रि के बाद
है प्रभात निश्चित
न हो निराश।
— नवल अग्रवाल
