देश
1.
शान हमारी देश है, यही हमारा मान।
अनेकता में एकता, भारत की है आन॥
2.
संचित अपने देश में, वेदों का शुभ ज्ञान।
जगद्गुरु है आज भी, अपना देश महान।।
3.
माटी भारत देश की, गूंजे गौरव गान।
कण कण पाता मान है, देता जग को ज्ञान।।
— लीला तिवानी
1.
शान हमारी देश है, यही हमारा मान।
अनेकता में एकता, भारत की है आन॥
2.
संचित अपने देश में, वेदों का शुभ ज्ञान।
जगद्गुरु है आज भी, अपना देश महान।।
3.
माटी भारत देश की, गूंजे गौरव गान।
कण कण पाता मान है, देता जग को ज्ञान।।
— लीला तिवानी