नन्हा सिपाही
नन्हे हाथों में खिलौना,
चेहरे पर मुस्कान।
खेल-खेल में बनता बच्चा,
प्यारा-सा कप्तान॥
कभी सिपाही बन जाता है,
कभी बनता शेर।
नन्ही आँखों में उसके,
सपनों का है फेर॥
मम्मी-पापा देख रहे,
बच्चे का यह खेल।
हँसता-गाता नन्हा बच्चा,
सबके मन का मेल॥
नन्हा बच्चा बड़ा बनेगा,
करके अच्छे काम।
मम्मी-पापा का वह रोशन,
कर देगा नाम॥
— डॉ. प्रियंका सौरभ
