मेरी प्यारी स्लाइड
नीला-नीला स्टैंड है,
स्लाइड है लाल-लाल।
करता खूब सैर-सैर,
हँसता-खेलता बाल।।
ऊपर चढ़कर मैं खड़ा,
नीचे जाना झट।
हँसी-खुशी के खेल में,
मन हो जाता मस्त।।
मम्मी बोले धीरे चल,
खेलो खूब संभाल।
खुशियों से भर जाएँ सदा,
बचपन के ये साल।।
खेल-कूद से तन खिले,
मन में आए प्यार।
मिल-जुलकर हम खेलें,
सुंदर हो संसार।।
— डॉ. प्रियंका सौरभ
