खट्टा-मीठा : फीलिंग हो रही है!
आज मुझे भी फीलिंग हो रही है। आप पूछेंगे- कैसी फीलिंग? किस बात की फीलिंग? बताऊँगा, बताऊँगा। जरा धैर्य रखिए। पहले यह बताता हूँ कि इसकी शुरूआत कैसे हुई।
हुआ यह कि नर्तकीनन्दन पप्पू जी ”13 करोड़, 13 करोड़“ के नारे लगाते हुए प्रदर्शन कर रहे थे। किसी पत्रकार ने उनसे पूछा- ”क्या मामला है 13 करोड़ का?“ पप्पू जी बोले- ”चुनाव आयोग ने 13 करोड़ वोटरों के नाम काट दिये हैं। उनको नाम वापस जोड़ने होंगे।“
पप्पू जी गलत नहीं कह रहे थे। वास्तव में चुनाव आयोग ने एसआईआर में 13 करोड़ वोटरों के नाम काटे हैं, लेकिन वे ऐसे नाम थे, जो या तो मृतक थे, या डुप्लीकेट या घुसपैठिये या फर्जी। लेकिन पप्पू जी यह मानने को तैयार नहीं थे, वे कह रहे थे कि सारे नाम वैध वोटरों के काटे गये हैं।
पत्रकार ने उनसे पूछा- ”आपके पास क्या सबूत है कि वे सारे वोटर वैध थे?“ पप्पू जी का उत्तर तैयार था- ”सबूत नहीं हैं, पर मुझे ऐसी फीलिंग हो रही है।“
बेचारे पत्रकार के लिए अपनी हँसी रोकना कठिन हो गया। वह कह नहीं पाया, पर कहना चाहता था कि दुनिया की किसी अदालत में फीलिंग को सबूत नहीं माना जाता। उनको 13 करोड़ नहीं, तो 13 लाख, उतने नहीं तो 13 हजार, उतने भी नहीं तो 13 सौ वैध वोटरों को सामने लाना चाहिए, जिनके नाम काटे गये हैं। पर पप्पू जी के पास ऐसे 13 वोटरों के भी सबूत नहीं है। वे चाहते हैं कि उनकी ‘फीलिंग’ को ही सबूत मान लिया जाये।
ऐसी फीलिंग नर्तकीनन्दन को और भी होती रही हैं। एक प्रदर्शन के दौरान पप्पू जी पुलिस द्वारा लगायी गयी बेरीकेडिंग पर चढ़ गये। उस समय उनको वैसी ही फीलिंग हो रही थी, जैसी एवरेस्ट पर चढ़ जाने पर शेरपा तेनसिंह नोर्के को हुई होगी।
वैसे फीलिंग दादी-जैसी नाकवाली उनकी बहिन पिंकी डार्लिंग को भी होती है। एक प्रदर्शन के दौरान वे सड़क पर लेट गयीं। वे ऊपर बेरीकेडिंग पर तो चढ़ नहीं सकती, पर नीचे तो जा सकती हैं। बस लेट गयीं सड़क पर। उस समय उनको ऐसी फीलिंग हो रही थी जैसे पातालकोट की यात्रा कर रही हों। वहाँ आस-पास कोई बोरवैल नहीं था, नहीं तो सम्भव है कि वे वास्तव में पातालकोट की फीलिंग ले आतीं।
इन दोनों नर्तकीनन्दनों से प्रेरणा लेकर मुझे भी फीलिंग होने लगी है। इस समय मुझे फीलिंग हो रही है कि इन दोनों की सही जगह आगरा के पागलखाने में है। मेरे पास इसका कोई सबूत नहीं है, बस फीलिंग हो रही है। आप इस फीलिंग को ही सबूत मान लीजिए।
— बीजू ब्रजवासी
आश्विन कृ. 13, सं. 2083 वि. (8 अक्टूबर, 2026)
