त्योहारों का धाम
भारत देश हमारा त्योहारों का धाम है,
ये खुशियों और आस्था का देता पैगाम है।
होली में रंगो की बरसती फुहार है,
दीवाली में दीयों और रंगबिरंगी रोशनियों से जगमग बहार है।
नवरात्री में मां के नौ रुप लगते हैं निराले,
दशहरे पर जलते हैं रावण के पुतलो के जाले।
गणपति आते ढोल नगाड़े गूंजते है,
बप्पा के प्रिय मोदक लड्डू से सारे घर सजते हैं।
छठ पर सूरज को अर्ध्य दिया जाता है,
हर घाट और तालाब पर आस्था का दीप जलता है।
वैशाखी, पोंगल,ओणम की भी बहार यहां बहार है,
अलग अलग त्योहार फिर भी एक परिवार है।
होली,ईद,क्रिसमस हम सब मिलकर मनाते हैं,
यही वो देश है जो विश्व को अनेकता में एकता का पाठ पढ़ाते है।
— मृदुल शरण
