हम बच्चे स्कूल चलेंगे
हम बच्चे स्कूल चलेंगे
उम्मीदों के साथ चलेंगे ।
मीत बनेंगे प्यारे-प्यारे,
हंसते गाते रोज़ मिलेंगे ।
खेल-खेल में खूब पढ़ेंगे ।
जीवन अपना स्वयं गढ़ेंगे ।
हर कभी न मानेंगे हम ।
विजय बनकर ही निखरेंगे ।।
हर सपना साकार करेंगे ।
मातृभूमि का मन रखेंगे ।
धीर,वीर,कर्मवीर बनेंगे ।
सरहद पर शमशीर बनेंगे ।
हम कलाम,आज़ाद बनेंगे ।
जग में अपना नाम करेंगे ।
मम्मी मेरा नाम लिखादो ।
हम बच्चे स्कूल चलेंगे ।
— आसिया फारूकी
