गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

तेरा नाम लेकर बुलाते रहेंगे।
तुझे याद आए हैं आते रहेंगे।।

पढ़ोगे मेरा ख़त जो मैं याद आई।
तुम्हें ख्वाब में भी सताते रहेंगे।।

अगर दिल न माना मुहब्बत के खातिर।
ग़ज़ल इश्क की बस सुनाते रहेंगे।।

तुम्हें भूल जाऊं न होगा कभी ये।
तुम्हारी यूं महफ़िल में भाते रहेंगे।।

जम़ाना कहे कुछ तो कहता रहेगा।
तुम्हें देख कर मुस्कुराते रहेंगे।।

— प्रीती श्रीवास्तव

*प्रीती श्रीवास्तव

पता- 15a राधापुरम् गूबा गार्डन कल्याणपुर कानपुर