ग़ज़ल
तेरा नाम लेकर बुलाते रहेंगे।
तुझे याद आए हैं आते रहेंगे।।
पढ़ोगे मेरा ख़त जो मैं याद आई।
तुम्हें ख्वाब में भी सताते रहेंगे।।
अगर दिल न माना मुहब्बत के खातिर।
ग़ज़ल इश्क की बस सुनाते रहेंगे।।
तुम्हें भूल जाऊं न होगा कभी ये।
तुम्हारी यूं महफ़िल में भाते रहेंगे।।
जम़ाना कहे कुछ तो कहता रहेगा।
तुम्हें देख कर मुस्कुराते रहेंगे।।
— प्रीती श्रीवास्तव
