सिसकता विद्यालय
गरीब बच्चों के शिक्षा का केंद्र सरकारी स्कूल,
इसे बंद करना क्या नहीं है जिम्मेदारों की भूल,
विद्यालयों के बंद होने पर
शर्म करने चाहिए,
जिम्मेदारों को,सरकारों को,
शासन को,प्रशासन को,
लोकप्रिय कहलाते नेता को,
आंख मूंद चाहते चहेता को,
कोषालय को,न्यायालय को,
कहां ले जाने की मंशा है देश को,
कैसे टक्कर दोगे
शिक्षा के क्षेत्र में विदेश को,
शिक्षा मांग रहा नौनिहाल छला जा रहा है,
कुछ वर्षों बाद पता चलेगा कि
किसकी छाती में मूंग दला जा रहा है,
सवाल,जवाब और अविष्कारों को भूल,
भविष्य में महसूस होंगे अपने ही हृदय में शूल,
तो आओ शर्म करें कि
हम किस ओर जा रहे हैं,
अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार
व्यवस्था को क्या पटरी पर ला रहे हैं?
— राजेन्द्र लाहिरी
