किलकारी
घर में सबसे छोटा बच्चा,
बुद्धि का था मुन्ना कच्चा ,
जब जी चाहे हंसता-रोता,
था पर बच्चा दिल का सच्चा।
गुल्ली-डंडा खेलता खुले में,
ठंडी हवा, आसमान धुले में,
कंचे-खो खो, आटिया-पाटिया,
हंसता मूंगफली-चने-फुल्ले में।
जब मिलता रबड़ी का दोना,
खुश हो मारता वह #किलकारी,
दादी-दादू खुश हो दौड़े आते,
कहते देखो खिली फुलवारी॥
— लीला तिवानी
