हाइकु/सेदोका

वक्त बदलते वक्त नहीं लगता

सूरज ढला,
पर उजाला ठहरा,
मन अब भी जागे।

पत्तों की धुन,
कहती है चुपके से,
कुछ भी स्थिर नहीं।

घड़ी की सुई,
चलती रही आगे,
सपने पीछे।

फूल झरे तो,
खुशबू रह गई,
यादों की तरह।

समय का स्पर्श,
हर चेहरे पर लिखे,
नई कहानी।

बादल बहे,
राहों को धोते,
भोर मुस्काई।

कल की परछाई,
आज में घुलती,
जीवन नवा।

रुकना चाहो भी,
वक्त नहीं रुकता,
नदी सिखाती।

हर परिवर्तन में,
एक सीख छिपी है,
सहना सीखो।

मन का दर्पण,
समय को देखे,
खुद बदल जाए।

वक्त की चाल,
धीमी पर गहरी,
अर्थ उभरते।

पल जो बीते,
गीत बन जाएं,
जीवन सुने।

— डॉ. अशोक

डॉ. अशोक कुमार शर्मा

पिता: स्व ० यू ०आर० शर्मा माता: स्व ० सहोदर देवी जन्म तिथि: ०७.०५.१९६० जन्मस्थान: जमशेदपुर शिक्षा: पीएचडी सम्प्रति: सेवानिवृत्त पदाधिकारी प्रकाशित कृतियां: क्षितिज - लघुकथा संग्रह, गुलदस्ता - लघुकथा संग्रह, गुलमोहर - लघुकथा संग्रह, शेफालिका - लघुकथा संग्रह, रजनीगंधा - लघुकथा संग्रह कालमेघ - लघुकथा संग्रह कुमुदिनी - लघुकथा संग्रह [ अन्तिम चरण में ] पक्षियों की एकता की शक्ति - बाल कहानी, चिंटू लोमड़ी की चालाकी - बाल कहानी, रियान कौआ की झूठी चाल - बाल कहानी, खरगोश की बुद्धिमत्ता ने शेर को सीख दी , बाल लघुकथाएं, सम्मान और पुरस्कार: काव्य गौरव सम्मान, साहित्य सेवा सम्मान, कविवर गोपाल सिंह नेपाली काव्य शिरोमणि अवार्ड, पत्राचार सम्पूर्ण: ४०१, ओम् निलय एपार्टमेंट, खेतान लेन, वेस्ट बोरिंग केनाल रोड, पटना -८००००१, बिहार। दूरभाष: ०६१२-२५५७३४७ ९००६२३८७७७ ईमेल - ashokelection2015@gmail.com