हाइकु/सेदोका

रिश्तों की सुगंध

रिश्तों की चुपचाप
एक मीठी सी हवा
दिल को छू जाती है

बिना कहे भी सब
बहुत कुछ कह जाते हैं
अपनेपन के रंग

छोटी सी मुस्कान
बड़ा सा अपनापन
जीवन सजा दे

यादों की परछाईं
मन के आंगन में
धीरे से ठहरती

स्नेह की डोरें
टूटकर भी न टूटें
ऐसा बंधन है

शब्द कम पड़ जाते
भाव अधिक बोलते
रिश्तों की भाषा

दूरी भी पास लगे
जब दिल जुड़े रहें
अनकहा विश्वास

सादगी के पल
रिश्तों को महका दें
फूलों की तरह

हर दिन नया रंग
हर रात नई याद
साथ का एहसास

रिश्ते ही जीवन हैं
उनकी यही सुगंध
मन में बस जाए

— डॉ. अशोक

डॉ. अशोक कुमार शर्मा

पिता: स्व ० यू ०आर० शर्मा माता: स्व ० सहोदर देवी जन्म तिथि: ०७.०५.१९६० जन्मस्थान: जमशेदपुर शिक्षा: पीएचडी सम्प्रति: सेवानिवृत्त पदाधिकारी प्रकाशित कृतियां: क्षितिज - लघुकथा संग्रह, गुलदस्ता - लघुकथा संग्रह, गुलमोहर - लघुकथा संग्रह, शेफालिका - लघुकथा संग्रह, रजनीगंधा - लघुकथा संग्रह कालमेघ - लघुकथा संग्रह कुमुदिनी - लघुकथा संग्रह [ अन्तिम चरण में ] पक्षियों की एकता की शक्ति - बाल कहानी, चिंटू लोमड़ी की चालाकी - बाल कहानी, रियान कौआ की झूठी चाल - बाल कहानी, खरगोश की बुद्धिमत्ता ने शेर को सीख दी , बाल लघुकथाएं, सम्मान और पुरस्कार: काव्य गौरव सम्मान, साहित्य सेवा सम्मान, कविवर गोपाल सिंह नेपाली काव्य शिरोमणि अवार्ड, पत्राचार सम्पूर्ण: ४०१, ओम् निलय एपार्टमेंट, खेतान लेन, वेस्ट बोरिंग केनाल रोड, पटना -८००००१, बिहार। दूरभाष: ०६१२-२५५७३४७ ९००६२३८७७७ ईमेल - ashokelection2015@gmail.com

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