समग्र स्वास्थ्य की नई राह, आयुष चिकित्सा पद्धति
आयुष पद्धतियां आज के समय में स्वास्थ्य की दिशा में एक क्रांतिकारी बदलाव की वाहक बनी हैं जिनमें आयुर्वेद योग और प्राकृतिक चिकित्सा यूनानी सिद्ध सोवा-रिग्पा तथा होम्योपैथी का समावेश है जो हमारी प्राचीन परंपराओं और गहरी विरासत पर आधारित हैं और आज इनकी क्षमताओं को आधुनिक वैज्ञानिक शोधों और तथ्यों के माध्यम से विश्व भर में स्वीकृति मिली है जिसका मुख्य उद्देश्य केवल बीमारियों का उपचार करना ही नहीं बल्कि शारीरिक मानसिक और आध्यात्मिक स्तर पर संतुलन स्थापित करके मानव जीवन को एक बेहतर और संपूर्ण स्वास्थ्य प्रदान करना है क्योंकि आज के दौर में जब जीवनशैली से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं तब ये चिकित्सा पद्धतियां व्यक्ति को प्रकृति के निकट लाती हैं और बीमारी के मूल कारण तक पहुंचकर उसे जड़ से समाप्त करने की दिशा में काम करती हैं जिसके अंतर्गत आहार विहार और नियमित योग अभ्यास के माध्यम से एक ऐसा वातावरण तैयार किया जाता है जहां रोगी केवल एक संख्या नहीं बल्कि एक समग्र इकाई के रूप में देखा जाता है जिसके परिणामस्वरूप व्यक्ति के जीवन स्तर में सुधार आता है और उसे एक दीर्घायु तथा ऊर्जावान जीवन प्राप्त होता है इसलिए अब समय आ गया है कि हम अपनी इस पारंपरिक धरोहर को आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के साथ जोड़कर एक ऐसी समग्र स्वास्थ्य प्रणाली का निर्माण करें जो हर किसी की पहुंच में हो और जिससे एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके क्योंकि आने वाला समय विश्व में इंटीग्रेटेड मेडिसिन का है जहां हम विज्ञान और परंपरा के संगम से बेहतर भविष्य की नींव रख सकते हैं।
— डॉ. आरज़ू अहमद शाह
