डिफॉल्ट

बाला छंद

लेखनी सत्य झंकार साथी।

लेखनी नेह शृंगार साथी।।

निर्भया हिम्मती सार्थकी हो।

दुर्जनों सी नहीं पातकी हो।।

वर्तनी गैर है दुःख दाता।

ज्ञान शिक्षा धनी सौख्य पाता।।

प्रेम सेवा सखे निर्मला हो।

प्रेम की भावना निश्छला हो।।

भागती दौड़ती जिंदगी ये।

प्रीति की मोहिनी बंदगी ये।।

साथ में नेह की गागरी हो।

छाँव की शीतला कामरी हो।।

सूर्य की रश्मियां ओज लाएं।

जिंदगी दीपिता मौज पाएं।।

चेतना मानसी हर्ष लाएं।

कोकिला माधुरी गीत गाएं।।

चक्षु हो पारखी जौहरी से।

कर्म योगी दिखें गौहरी से।।

बोल हो मोहना बाँसुरी से।

बंध हो पुष्पिता पाँखुरी से।।

*चंचल जैन

मुलुंड,मुंबई ४०००७८

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