सामाजिक

जीवन की सीख

आज हनुमान अंश देखी, फिल्म बहुत अच्छी है। इस फिल्म से पांच बातें सीखने को मिलीं- पहली आप का लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए, आपको पता होना चाहिए कि जीवन में आपको क्या करना है। दूसरा, आप अपने स्वभाव में रहना सीखो। तीसरी बात,अपनी ताकत को पहचानो क्योंकि आपके भीतर ही आपकी शक्ति है। चौथी, भगवान का स्मरण सच्चे विश्वास और मन से करो। पांचवीं और अंतिम बात, आसक्ति से बचो क्योंकि आसक्ति केवल आपको फसाती है, मुक्त नहीं करती।
अंत में इस फिल्म को देखकर एहसास हुआ कि भगवान तो है और ये दुनिया केवल उसी की आज्ञा से चलती है। भगवान ने सबकुछ पहले से निर्धारित करके रखा है। कौन, किससे, कब, कहां मिलेगा और बिछड़ेगा सब पूर्व तय है। मतलब स्क्रिप्ट भगवान जी ने लिख रखी है हम सब तो केवल अभिनय कर रहे हैं। जिसका जितना किरदार है वह उतना ही अभिनय करता है। और सबसे मूर्खतापूर्ण बात ये है कि हम इस भ्रम में रहते हैं कि हमारा किरदार सदा रहेगा।

— अंकिता जैन अवनी

अंकिता जैन 'अवनी'

लेखिका/ कवयित्री अशोकनगर मप्र jainankita251993@gmail.com

Leave a Reply