छतों पर ना दिखे तो क्या तिरंगा दिल में रहता है
मंडला-देश की जानी-मानी साहित्यिक संस्था नर्मदा आह्वान समिति,नर्मदापुरम ने हिंदी दिवस के अवसर पर शारदा माता की नगरी मैहर में एक दिवसीय काव्योत्सव व सम्मान समारोह आयोजित किया, इसमें देश भर के चयनित साहित्यकार उपस्थित रहे, जिनमें मंडला के सुपरिचित कवि प्रो.(डॉ )प्रो.शरद नारायण खरे भी आयोजन में आमंत्रित किए गए । उन्होंने देश भर के कवियों के बीच शानदार काव्य पाठ किया। तत्पश्चात उन्हें “हिंदी गौरव सम्मान ” से अलंकृत किया गया। अंगवस्त्र ओढ़ाकर,स्मृति चिंह व सम्मान पत्र के साथ सम्मानित किया। उन्हें काव्य पाठ सत्र में बतौर विशिष्ट अतिथि मंचासीन भी कराया गया।
उन्होंने देश भर के कवियों के बीच शानदार काव्य पाठ किया। बेहतरीन मुक्तक सुनाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया–
“कोई झंडा उसे कहता, तिरंगा कोई कहता है।
कोई ऊँचा है फहराता, कोई निज हाथ कहता है।
मेरा झंडा मेरा गौरव,मेरे सम्मान का सूचक,
छतों पर ना दिखे तो क्या,तिरंगा दिल में रहता है।।
