आज की नारी
मर्दों से मुकाबला करती नारी
शराब और सिगरेट पीती है
उसका विरोध कैसे करूँ
करू भी तो जायज करू कैसे
तनाव से बचने सकून के लिए
मर्द पी सकता है
दारू और सिगरेट
तो पीछे क्यों रहे नारी
जो कही जाती थी अबला कभी
अब अबला से सबला हो गयी वो
उसको भी तो चाहिए आनंद
तनाव से निजात पाने के साधन
क्यों न पिए वह भी
सिगरेट और दारू
फिर करे मौज मस्ती और धमाल
