मुक्तक/दोहा डॉ. अनिता जैन 08/12/201808/12/2018 मुक्तकत्रय 1) सहज सजग होकर चलना। निज मान न खोकर चलना। छल-कपट न रखना मन में- हृदय वसन धोकर चलना। 2) Read More
कविता डॉ. अनिता जैन 08/12/201808/12/2018 कविता कुछ अर्थों को न खोजें तो बेहतर कुछ कार्यों की कारणता को न तलाशें तो बेहतर कुछ खुरदरे से अहसासों Read More