अक्सर दिखते हैं
अक्सर दिखते हैं… लाल बत्ती पर… तो कभी फुटपाथों पर ! कभी आँसू लिए … तो कभी आँसू पिए !
Read Moreअक्सर दिखते हैं… लाल बत्ती पर… तो कभी फुटपाथों पर ! कभी आँसू लिए … तो कभी आँसू पिए !
Read Moreकभी प्राण बन कभी बाण बन बींध हृदय को जाते हैं ! ये “शब्द” बहुत कुछ कह जाते हैं !
Read Moreगर वर्दी में भी होता दिल किस पर चलता “डंडा” ? ये यक्ष प्रश्न है ! अजब विडम्बना दागी करें
Read Moreकुछ कही, कुछ अनकही सी बातें चाय की चुस्की और बीती यादें ! पुनः किस्से पुराने, दोहराती हैं तेरी यादें…
Read Moreप्रेम अथाह … छुपा दिल में ! दिखाना न आए … ये आदत है !! रिश्ता तुमसे … जुड़ा रूह
Read Moreदर्द सह लेते हैं, अश्क भी पी लेते हैं हम तो आज भी… तेरी यादों में जी लेते हैं ll
Read Moreमैं नारी हूँ चाहूं स्वतंत्र, उन्मुक्त गगन भरूँ हौसलों की ऊँची उड़न ! कोई अदृश्य खूँटी न बाँधे मुझे… कि
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