बुढ़ापा
अजीब सा एक द्वंद चलता है भीतर मेरे भीतर भी चल रहा है उम्र के इस दौर में असुरक्षित सा
Read Moreदेखो यह दीवानों तुम यह काम न करो पहन कर फटी जींस मम्मी पापा का नाम बदनाम न करो तुम्हें
Read Moreखोजना चाहता हूं खुद को क्या इसी तरह खोज पायूंगा सत्य से हूं मैं कोसों दूर खोजने चला हूं मैं
Read Moreअपूर्ण हूं अपूर्ण ही रहूंगा नित सीख रहा हूं सीखने की न कोई आयु न कोई सीमा हर सीख कुछ
Read Moreकौन करें कल का इंतजार जो कहना है अभी कह दे पल की खबर नहीं इंतजार क्या करे कल का
Read Moreफख्त वहम है मेरा मैं प्रेमी हूं किसी का आज के इस दौर में कौन प्रेमी कौन प्रेमिका पल पल
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