श्रेष्ठ बालक
भोगीपुर गाँव के पूर्वी छोर पर फैले सरसों के खेतों के बीच एक छोटा-सा घर था। मिट्टी की दीवारें, खपरैल
Read Moreभोगीपुर गाँव के पूर्वी छोर पर फैले सरसों के खेतों के बीच एक छोटा-सा घर था। मिट्टी की दीवारें, खपरैल
Read Moreखरीदो तेल, घी, खोवा, मिलावट ही मिलावट है।प्लास्टिक फूल – पौधों से, सजावट ही सजावट है। जाम का झाम सड़कों
Read Moreआओ! मिलकर रंग लगाएँ, प्रेम – सुधा बरसाएँ।सोल्लास शुचि परम्परा से, होली पर्व मनाएँ। नवसस्येष्टि यज्ञ करें हम, बाँटें दिव्य
Read Moreचैत्र शुक्ल प्रतिपदा की शुभ तिथि, भारतीय नववर्ष है लायी।हुआ प्रफुल्लित जन – जन का उर, चहुँदिश स्वर्णिम आभा छायी।
Read Moreपूर्वी उत्तर प्रदेश की पावन भूमि पर स्थित चंदौली जनपद को सामान्यतः आधुनिक प्रशासनिक इकाई के रूप में देखा जाता
Read Moreमम्मी, मैं तो जूस पिऊँगी,मुझे न अच्छे लगते फल।जल्दी है,पी रही जूस हूँ,छोड़ो, कल खा लूँगी फल। माँ भी समझ
Read Moreचैत्र शुक्ल प्रतिपदा को, छाया नूतन हर्ष।नई चेतना दे रहा, नव संवत्सर वर्ष। नृपति विक्रमादित्य से, ‘विक्रम संवत’ नाम।उज्जयिनी में
Read Moreस्वर्णा नदी का बहुत पौराणिक एवं आध्यात्मिक महत्व है। यहाँ प्राचीनकाल से प्रति वर्ष मकर संक्रांति से लेकर वसंत पंचमी
Read Moreभारत के आधुनिक इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे हैं, जिन्होंने अपनी विद्या, कर्मठता और मानवीय संवेदना से राष्ट्र के विकास
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