कुछ मुक्तक …..
1) बेकरारी की तपन हमको जलाकर रख दिया । और हमसे ही हमें तुमने चुराकर रख दिया नींद भी आती
Read More1) बेकरारी की तपन हमको जलाकर रख दिया । और हमसे ही हमें तुमने चुराकर रख दिया नींद भी आती
Read Moreतुम्ही छाँव तुम्ही धूप, तुम्ही मेरा प्रतिरूप तुम्ही मेरी आन-बान, जीवन की आस हो जीने का ये रंग-ढंग, साँस-साँस
Read Moreतोहमतें हम पर लगाकर वो शिकारी हो गए पोल जब खुलती गयी तो खुद भिखारी हो गए नोट की जो
Read Moreहमें तेरी जो आदत हो गयी है सुकूँ से अब शिकायत हो गयी है ***************** सितारे टूट के बिखरे जमीं
Read More???????? एक सूरज तुम हथेली आज धर लो साथियो छोड़ के अपना पराया कर बसर लो साथियो आपसी मतभेद
Read More1) झट आ बैठी खोलते ही झरोखा हठीली धूप। 2) नाचती बूंदें छई छपाक छई दादुर कूदें । 3) पंकिल
Read Moreशब्द-शब्द दर्द हार, सुनो मात ये गुहार, गर्भ में पुकारती हैं, नर्म कली बेटियाँ। रोम-रोम अनुलोम, हो न जाए स्वांस
Read Moreपांवड़े पलके बिछाए राह मैं देखा करूँ नैन ढुलके आंसुओं से आस की झोली भरूँ साँझ की दहलीज पे
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