गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 21/07/202521/07/2025 ग़ज़ल खूब कसमें बड़ी वो खाएगा।भूल कर सच नहीं बताएगा। देर तक दूर तक घुमाएगा।बात कोई न पर बताएगा। रूठने को Read More
मुक्तक/दोहा *हमीद कानपुरी 10/07/202529/07/2025 हमीद कानपुरी के दोहे मुश्किल से तेरी नहीं, हरगिज़ रब अंजान।हर मुश्किल तेरा ख़ुदा, करता है आसान। मैं को अब पीछे करें, हम कर Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 25/06/202525/06/2025 ग़ज़ल ग़मों से दूर जाना चाहता है।बशर अब मुस्कुराना चाहता है। नहीं रोना रुलाना चाहता है।समय हँसकर बिताना चाहता है। नया Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 01/06/202501/06/2025 ग़ज़ल सोच के साथ जब अमल आया।खुद ब खुद रास्ता निकल आया। सूर्य उल्फ़त काजबनिकल आया।मोम सा आदमी पिघल आया। काम Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 10/05/202510/05/2025 ग़ज़ल जो यक़ी उसका खोता नहीं है।नाव रब फिर डुबोता नहीं है। रौशनी दो मुझे या मुहम्मद,तीरगी दिल ये ढोता नहीं Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 28/04/202529/04/2025 ग़ज़ल मुस्कुराकर दिखाइए साहब।ज़र्फ़ को आज़माइए साहब। रौशनी को बढ़ाइए साहब।अब ज़रा मुस्कुराइए साहब। गति रनों की बढ़ाइए साहब।एक छक्का लगाइए Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 21/04/202529/04/2025 ग़ज़ल फिर से बुलडोज़र चला।बच सके जो वो बचा। बात कड़वी हर भुला।हमनवा बन हमनवा। आँख मूँदे चल पड़ा।धर्म का फरचम Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 13/04/202513/04/2025 ग़ज़ल है तिजारत ही भली।नौकरी है चाकरी। मत सियासत कर यहाँ,शायरी कर शायरी। खेल मत इससे करो,ज़िन्दगी है ज़िन्दगी। साथ नेचर Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 18/03/202526/03/2025 ग़ज़ल उसे सारा ज़माना जानता है।चमन को जो सजाना जानता है। उसे कब तंग करते यार फिकरे,हवा में जो उड़ाना जानता Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 14/03/202526/03/2025 होली में रंग उड़ता गुलाल होली में।दिख रहे लाल गाल होली में। दिल न काबू में इन दिनों रहता,मस्तियों में उबाल होली Read More