सपनों की मंज़िल
बेरोज़गारी के साए में, घिरा हुआ ये जहान है,आँखों में आँसू हैं मगर, दिल में अब भी अरमान है। सपने
Read Moreबेरोज़गारी के साए में, घिरा हुआ ये जहान है,आँखों में आँसू हैं मगर, दिल में अब भी अरमान है। सपने
Read Moreटूटे हुए तारों से फूटे वासंती स्वरपत्थर की छाती में उग आया नव अंकुरझरे सब पीले पात कोयल की कुहुक
Read Moreआजादी की महक हवाओं में है,शौर्य की चमक निगाहों में है,तिरंगा लहराता है शान से,हर दिल में भारत का मान
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