ऊंचाई
ऊंचे पहाड़ पर पेड़ नहीं लगते,पौधे नहीं उगते, न घास ही जमती है।जमती है सिर्फ बर्फ,जो कफ़न की तरह सफेद
Read Moreटूटे हुए तारों से फूटे वासंती स्वरपत्थर की छाती में उग आया नव अंकुरझरे सब पीले पात कोयल की कुहुक
Read Moreआजादी की महक हवाओं में है,शौर्य की चमक निगाहों में है,तिरंगा लहराता है शान से,हर दिल में भारत का मान
Read Moreसम्मान तुम्हारा तब तक रहेगा,जब तक स्वाभिमान न डिगेगा।यदि ठेस पहुंची मेरे मान को,फिर नमन नहीं अपमान मिलेगा। झुकना विनम्रता
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