खुशियों का अंबार
मेरे भाई अरविन्द कुमार की एक अन्य कविता आकाश मे सूर्य प्रज्वलित रहे हमेशा पूरी तीव्रता के साथ, ताप और
Read Moreमेरे भाई अरविन्द कुमार की एक अन्य कविता आकाश मे सूर्य प्रज्वलित रहे हमेशा पूरी तीव्रता के साथ, ताप और
Read Moreआ गए शुभ नवरात्रे भक्तो माँ के दरबार में आओ, पाकर माँ का आशीष, अपना जीवन सफल बनाओ, आओ भक्तों
Read Moreपहले चलती थी पैसेंजर ट्रेन- आवाज आती थी, गाड़ी चलेगी तो पहुंचेगें, फिर आई एक्सप्रेस ट्रेन- यात्री बोले, गाड़ी
Read More(इस बार अपने छोटे भाई अरविन्द की लेखनी से निकली एक कविता प्रस्तुत है.) सफलता का आधार परिश्रम परिश्रम और सिर्फ
Read Moreप्यार महके ज़िन्दगी, में प्रभु से मेरी प्रार्थ्रना है , प्यार सच्चा हो तो यह, उम्र भर की साधना है,
Read Moreगर्व से कहो हम हिन्दु हैं गर्व से कहो हम हिन्दु हैं सभ्यता और संस्कृति के— हम ही केंद्र बिंदु हैं–गर्व से कहो हम हिन्दु
Read Moreइन आंसूओं की अब इस जमाने में ‘कद्र’ नहीं होती, पर इन आँखों को भी छलके बिना, ‘सब्र’ नहीं होती,
Read Moreआ जाओ कान्हा, अब तो आ जाओ, हर एक सुदामा , गरीब बेचारा, फिरता देखो मारा मारा , कहीं नहीं कोई
Read Moreममता की छाँव भुला देती है सरे दुःख, माँ की सेवा में है जीवन का सारा सुख, माता की
Read Moreसमय के पंख लगा पल पल यह जीवन अतीत में समां जाता है, हमने क्या खोया क्या पाया यही विचार
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