कुण्डलिया छंद
सुन्दर काया कनक सी, नयन चलाते वाण हिरनी सी मोहक चपल, हो कैसे कल्याण हो कैसे कल्याण, हृदय घायल किये
Read Moreसुन्दर काया कनक सी, नयन चलाते वाण हिरनी सी मोहक चपल, हो कैसे कल्याण हो कैसे कल्याण, हृदय घायल किये
Read Moreरात के करीब बारह बज रहे थे, सारे मौहल्ले में तकरीबन सन्नाटा था ! शानु को नींद नहीं आ रही
Read Moreमेरे अक्स में फिर अक्स तेरा न लगे। जुस्तजु न रहे तेरी कोई रिशता न लगे। तुझे भूलने की नाकाम
Read Moreअनीता जल्दी जल्दी यूनिवर्सिटी के लिए तैयार हो रही थी कि अचानक मां ने अनीता के हाथ में दूध का
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