मनुष्य को अपने सभी शुभ व अशुभ कर्मों का फल भोगना पड़ता है
ओ३म् हमारा मनुष्य जन्म हमें क्यों मिला है? इसका उत्तर है कि हमने पूर्वजन्म में जो कर्म किये थे, उन
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Read Moreओ३म् हम इस संसार में जन्में हैं व इसमें निवास कर रहे हैं। हमारी आंखें सीमित दूरी तक ही देख
Read Moreओ३म् मनुष्य जब किसी कार्य को उचित रीति से ज्ञानपूर्वक करता है तो उसका इष्ट व प्रयोजन सिद्ध होता है।
Read Moreओ३म् वैदिक धर्म वह धर्म है जिसका आविर्भाव ईश्वर प्रदत्त ज्ञान, ‘वेद’ के पालन व आचरण से हुआ है। वैदिक
Read Moreओ३म् हमारी सृष्टि ईश्वर की रचना है। यह ऐसी रचना है जिसकी उपमा हम अन्य किसी रचना से नहीं दे
Read Moreओ३म् परमात्मा ने सृष्टि के आरम्भ में वेदों का ज्ञान दिया था। इस ज्ञान को देने का उद्देश्य अमैथुनी सृष्टि
Read Moreओ३म् मनुष्य सभी आवश्यक विषयों का ज्ञान प्राप्त करना चाहता है। जो ज्ञान उसे अधिक महत्वपूर्ण लगता है उसे स्मरण
Read Moreओ३म् मनुष्य हो या इतर प्राणी, सभी जन्म व मरण के चक्र में फंसे हुए हैं। संसार में हम देखते
Read Moreओ३म् ईश्वर और वेद शब्दों का प्रयोग तो दूसरों को करते, देखते व सुनते करते हैं परन्तु सभी मनुष्यों को
Read Moreओ३म् हमारा यह संसार किससे बना और कौन इसे संचालित कर रहा है, इसका उत्तर खोजते हुए हम इसके कर्ता
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