Author: डॉ. मुश्ताक़ अहमद शाह

कहानी

बाबा ने मकान की वसीयत वृद्धा आश्रम के नाम कर दी

बाबा नौकरी में थे। जब तक कमाते रहे, बेटा-बहू बड़ा अच्छा व्यवहार करते थे, पूछ-पूछकर खाना देते, हाल-चाल पूछते, सब

Read More
कविता

गुलाबी शामें, सुनहरी रातें

दुनिया मोहब्बत के रंगों से सजी हैफिर भी हर नज़ारा उधारसा लगता है।भीगती बारिश, चमकती बूँदें,गुलाबी शामें, सुनहरी रातें,सब उसकी

Read More
सामाजिक

सोशल मीडिया पर तस्वीरें डालने से बच्चों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है,

सोशल मीडिया पर बच्चों की तस्वीरें साझा करना कितना उचित है, इस पर विचार करना आज के समय में बहुत

Read More