चांद तकते रहने की मेरी आदत न गई।
गया बचपन बचपन की यादें न गई।तू तो चला गया तेरी परछाई ना गई।बचपन की यादें हैं, मैं वहां भी
Read Moreगया बचपन बचपन की यादें न गई।तू तो चला गया तेरी परछाई ना गई।बचपन की यादें हैं, मैं वहां भी
Read Moreतेरे मेरे बीच की सभी बातें ,सखियों को मत बताया कर ,जुलफ़ों को हटा ले चहरे से ,चांदनी को भी
Read Moreयाद करके ज़ालिम और मुझको सज़ा न दे।तेरे वादों का ऐतबार नहीं मुझको दग़ा न दे।पुरानी मुहब्बतों के चिराग़ फ़िर
Read Moreकिसी भी ऊंचाई पर पहुंचने के लिए, हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहना चाहिए। यह हमारे संस्कार, परंपराएं और मूल्यों
Read Moreजाने कहां खो गया वो मेरे दिल में बसेरा करके।दिल मानता नहीं कहता है उसको बुलाया जाए।हंसी पल वो बचपन
Read Moreअपनी खुशी और मोहब्बत को दूसरों तक पहुँचाना न सिर्फ़ समाज के लिए अच्छा है, बल्कि आपके अपने ज़िंदगी को
Read Moreडॉ. मुश्ताक अहमद शाह की शायरी और कविताएं लोगों के दिलों को इसलिए छू रही हैं क्योंकि वे गहरी भावनाओं,
Read Moreबिनाका गीतमाला,”जी हां भाइयों और बहनों, मैं हूं आपका दोस्त अमीन सयानी।” बिनाका गीतमाला भारतीय रेडियो इतिहास का सबसे लोकप्रिय फिल्मी
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