आस्मान पर पहुंचे हैं,मुश्ताक़ उस्ताद की ख़ातिर।
चांद तारों की तरह तुम जो युं फ़िरते हो चमकते, रौशनी जो ईल्म की है, है हां उस्ताद की ख़ातिर।
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Read Moreवो पल गौरव शाली है ,मेरे हिंदुस्तान का। साईन्स कम नहीं ,हौंसला हिंदुस्तान का। हां लोहा मनवाया दुनिया से अपने
Read Moreसावन के इस हंसी सफ़र में कुछ पल तो आ जाओं ना । मेरा क्या है मैं उदास हूं ,
Read Moreहमारी अास्था ,हमारे अहसास में बसती है,और धड़कनों में बहती है, मातृभूमि की मुहब्बत, देश की ताक़त ,साहस और अास्था
Read Moreक हो जाओ अब सब वतन के लिए। दुश्मनी को मिटाने का वादा करो। चाहे सर भी कटे चाहे ज़र
Read Moreउसके अहसास से ही हर वक़्त ये रौशन हैं गलियां मेरे दिल की, रह रह के हर लम्हा दिन रात
Read Moreसावन के इस हंसी सफर में कुछ पल तो आ जाओ ना .. मेरा क्या है मैं उदास हूं ।
Read Moreमौजों से हम रहे खैलते किनारा नहीं मिला। तुमसे इस तरह बिछड़े सहारा नहीं मिला। वो भी तन्हा मैं भी
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