कविता – घर को स्वर्ग बनाती हैं बेटियां
घर की जीनत फुलों की तरह होती हैं बेटियां । एक नहीं दो दो कुलों को संवार देती हैं बेटियाँ ।
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Read Moreमेघा गरजो और ज़ोर से बरसो न, भिगा दो तन मन, उन्हें बुलाओ न, इन बूंदों में भीगु, मगन मतवाला
Read Moreज़ख्मे दिल मुझको ये दे गया कोई , दिल से न जाने क्या कह गया कोई, आंखों से आंखों की
Read Moreशरीर की स्वस्थता , उपचार एवं सुधार के लिए व्यायाम अत्यंत आवश्यक है । यह हड्डियों को मजबूत बनाता है
Read Moreयोगा एक पुराना फन है , हुनर है, वादिए शिंद की (सभ्यता) तहजीब की तलाश में एक खुदाई के दौरान कई
Read Moreनशा है पल दो पल का , इश्क शराब की तरह , अहले माज़ी है दोस्तों ,सच अज़ाब की तरह
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