Author: डॉ. मुश्ताक़ अहमद शाह

सामाजिक

संयम, संकल्प और निरंतरता ही वे चाबियाँ हैं जो प्रगति के द्वार खोलती हैं

जीवन में अनुशासन और समय का महत्व एक ऐसा विषय है जिस पर जितना विचार किया जाए उतना कम है

Read More
सामाजिक

लहज़े की मिठास और क़िरदार की बुलंदी

​इंसानी ताल्लुक़ात (रिश्ते) बहुत नाज़ुक होते हैं। कभी-कभी लाख कोशिशों के बावजूद रिश्तों में वह गर्माहट नहीं रहती और कड़वाहट

Read More
राजनीति

युद्ध की अमानवीय विभीषिका, विजय की होड़ में मानवता दांव पर

मानव इतिहास के सबसे गहन और पीड़ादायक अध्यायों में से एक है,युद्ध की भयावहता, जहां हिंसा के नाम पर न

Read More
सामाजिक

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस, भारतीय मातृशक्ति की अमर गाथा

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हर वर्ष 8 मार्च को मनाया जाता है, जो भारतीय नारी शक्ति की महिमा का उत्सव है।

Read More
धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

होली,परंपरा का अमर रंग या समय की बदलती छटा?

भारतीय संस्कृति में होली का ज़िक्र वेदों से मिलता है। ऋग्वेद में ‘फाल्गुनी पूर्णिमा’ का उल्लेख है, जो वसंत का

Read More