सामने ज़ोया खड़ी थी
शाम के साए ज़रा गहरे हो चुके थे। रेलवे स्टेशन के मुसाफ़िरख़ाने में बत्तियों की मद्धम रोशनी फैली हुई थी।
Read Moreशाम के साए ज़रा गहरे हो चुके थे। रेलवे स्टेशन के मुसाफ़िरख़ाने में बत्तियों की मद्धम रोशनी फैली हुई थी।
Read Moreसृष्टि के आदि से प्रवाहित, देवभूमि की अमर कहानी है,शिव के आदियोग से उपजी, यह पावन ज्ञान-त्रिवेणी है। सिंधु घाटी
Read Moreआदि योगी भगवान शिव से जनमी, पावन योग-परंपरा है,सिंधु घाटी की मुहरों में, अंकित जिसका अमिट विग्रह है। ऋग्वेद और
Read Moreइंसानी समाज का यह एक बड़ा अलमिया है, ट्रैजिडी है कि हर इंसान में दूसरों से मिलने वाली बेपनाह मोहब्बत
Read Moreसालों बीत गए। शहर के उस मशहूर बीएड कॉलेज की वो चहल-पहल, वो नई उम्र, नए अहसास और आंखों में
Read More‘डाक्टर’ का सफ़र और उसका महत्व। आधुनिक समाज में ‘डाक्टर’ एक ऐसा शब्द है, जिसे सुनते ही हमारे मन में
Read Moreयह कहानी किसी एक शख़्स की नहीं, बल्कि हर उस दिल की है जिसने मोहब्बत में सिर्फ़ पाना नहीं, बल्कि
Read Moreवालिद साहब (पिताजी) के इंतक़ाल को अभी चंद ही महीने हुए थे कि घर की फज़ा (माहौल) बिल्कुल बदल गई।
Read Moreसर्दियों का आग़ाज़ हो चुका था। क़श्मीर की हसीन वादी पर सफ़ेद बर्फ़ की चादर बिछने को बेताब थी। ‘श्रीनगर’
Read Moreमेरी डायरी के ये धूल-धूसरित, उदास पन्ने और उनकी हर पंक्ति में सांस लेती तुम्हारी स्मृतियां…आज फिर मैंने इन्हें पलटा,
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