आस्तीन के सांप
हम उनकी हर गलती को नजरअंदाज करते रहे वे नफरत के खंजर पीठ पीछे घोंपते रहे हम मासूम से समझ
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Read Moreआगरा । स्वतंत्रता दिवस के स्वर्णिम अवसर पर एस.के.जी. पब्लिक स्कूल, ग्राम रिहावली के प्रांगण में विश्वशांति मानव सेवा समिति,
Read Moreआयी ऋतु मनभावन सुखी खेत – खलिहान रिमझिम पड़े फुहारें कृषक फसल निहारें मिट्टी की सौंधी महक खगों की मधुरिम
Read Moreधरती के मन में थी एक आस । वो व्याकुल थी भारी, लगी प्यास ।। झुलस -झुलस काया हुई बंजर
Read Moreपत्र लेखन ही साहित्य की वह विधा है, जो बगैर प्रकाशन के लालच के लिखी जाती है । और उन्हीं
Read Moreमेरी कविता कोमल- कठोर हो जाती समय के अनुसार नहीं चलती है । मेरी कविता किसी का मन हरषाती तो
Read Moreमैं बहुत ही खुशकिस्मत हूं कि मुझे देश की प्रतिष्ठित लेखिका का स्नेह, मार्गदर्शन, सहयोग, आशीर्वाद प्राप्त हुआ है ।
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