ग़ज़ल
गुस्सा उबल रहा था मगर लोग चुप रहेनाटक सा चल रहा था मगर लोग चुप रहेअपमान के भी घूंट सभी
Read Moreमन का मौसम ठीक नहीं तो होठों पर भी गीत नहीं।अरसा हुआ हृदय के पथ से गुजरा कोई मीत नहीं।
Read Moreकोई अब क्या मिलेगा ज़िन्दगी मेंकहां तुझ-सा मिलेगा ज़िन्दगी मेंतुम्हें ही ढूंढता रहता हूं अक्सरकोई तुम – सा मिलेगा ज़िन्दगी
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