नारी
मैं नारी हूँ सबके ऊपर मैं सब कुछ लुटाती घर के सारे काम निबटाती सबका मान सम्मान का ध्यान रखती
Read Moreजीवन की राह पर इंसानों को रिश्ते बदलते देखा है कुछ किस्मत में होते हैं कुछ जुड़ते चले जाते है
Read Moreनव रुपों में सजती है माँ करके सोलह श्रंगार आँखों मे है अंजन सोहे माथे पर बिंदी ललाट पर है
Read Moreजिंदगी के रंग भी बदलते है कभी हम बेखबर जिंदगी से अनजान सफर की ओर चल देते है जिंदगी में
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