पढ़ा लिखा मजदूर हुआ
करना था व्यापार मगर मैं जॉब में आकर अटक गया,ज्यादा धन के लालच में, मै लक्ष्य से अपने भटक गया।प्यार
Read Moreकरना था व्यापार मगर मैं जॉब में आकर अटक गया,ज्यादा धन के लालच में, मै लक्ष्य से अपने भटक गया।प्यार
Read Moreइश्क चाहतहीन होगा क्या करेगी दिल्लगी,जुर्म ये संगीन होगा क्या करेगी दिल्लगी।रोज प्रेमी प्रेमिका साथी बदल लेते यहां,मन हवस में
Read Moreसमय के साथ यदि ना चल सकेगा,ज़माना एक दिन तुझ पर हॅंसेगा। बढ़ा ले वक्त पर तू भाव अपने,नहीं बेवक्त
Read Moreगली,हर मोड़, नुक्कड़ पर,शहीदों की निशानी हो। हमारे गीत, ग़ज़लों में, शहीदों की कहानी हो। भगत सुखदेव किस्सा हैं, शहादत
Read Moreनिज भाषा को छोड़कर, दूजी रहे अपनाय। दूजी भाषा के तहत, पिता डैड कहलाय। पिता डैड कहलाय, मात कहलाये मम्मी।
Read Moreसिंह जैसे जो दहाड़े, देश का अभिमान हो। सूर्य जैसी चमक राखे , हिंद पर बलिदान हो। शत्रुता ना हो
Read Moreज़िंदगी के भी बड़े मोहक नज़ारे हैं यहां, काम करते हैं नहीं वे लोग प्यारे हैं यहां। नाम के हकदार
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