पितरों को स्मरण करने का महापर्वःपितृपक्ष
लौकिक और अलौकिक जगत की अवधारणा सभी धर्मों में मान्य की गई है।लौकिक जगत जिसमें हम निवास कर रहे हैं
Read Moreलौकिक और अलौकिक जगत की अवधारणा सभी धर्मों में मान्य की गई है।लौकिक जगत जिसमें हम निवास कर रहे हैं
Read Moreहाँ,ठीक है तुम कहते हो तो कहो कि आधुनिक होने के लिए सड़ी-गली परम्पराओं को छोड़ना जरूरी है लेकिन विस्मित
Read Moreआजादी के सत्तर वर्ष पूर्ण कर अब हम इकहत्तर वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं लेकिन आज भी यह
Read Moreजीवन में कभी किसी को पूर्ण संतुष्टि नहीं मिलती है.व्यक्ति जीवन भर असंतुष्ट बना रहता है और इस असंतोष के
Read More“और कितना इंतजार करवायेंगे,यदि साहब की दूसरी मीटिंग थी तो इसे पोस्पोंड कर देना था ,” चोपड़ा साहब ने नाराजगी
Read Moreकभी था बरगद का पेड़ वहाँ लगता जैसे काँपती सूरज की तपन बच्चें-बुढ़े और युवाओंकी मण्डली जमाये रहती थीं चौपाल
Read Moreहाल ही के दिनों में बीफ यानी गौमांस और गौरक्षा के नाम पर हो रही हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
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