तरक़्क़ी किसके नाम?
भूख हर एक शाम तक पहुँची,पर न रोटी ही थाल तक पहुँची। सिंहासन चढ़ते रहे चेहरे सब,भूख क्यों नीलाम तक
Read Moreभूख हर एक शाम तक पहुँची,पर न रोटी ही थाल तक पहुँची। सिंहासन चढ़ते रहे चेहरे सब,भूख क्यों नीलाम तक
Read Moreवैश्विक मीठे जल संकट: उपलब्धता और पहुँच की दोहरी चुनौती आज विश्व जिस सबसे गंभीर संसाधन संकट का सामना कर
Read Moreमनुष्य सब कुछ बन जाता है,पर मनुष्य ही रह न पाता,दुनिया की इस भीड़ में अक्सरखुद से ही दूर हो
Read Moreहरियाणा की धरती परंपरा, परिश्रम और हुनर की अनमोल विरासत से समृद्ध रही है। यहाँ के गाँव केवल कृषि तक
Read Moreआज का समय गति का है। सुबह आँख खुलते ही मोबाइल स्क्रीन चमकने लगती है, सूचनाओं की बाढ़ हमारे भीतर
Read Moreबांग्लादेश के हालिया आम चुनावों में बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) ने तारिक रहमान के नेतृत्व में प्रचंड बहुमत के साथ
Read Moreसमाज में कुछ धारणाएँ इतनी गहरी पैठ बना लेती हैं कि वे सवालों से परे सत्य मान ली जाती हैं।
Read Moreकोटा में एक और छात्रा की आत्महत्या—यह कोई साधारण खबर नहीं है और न ही किसी एक परिवार की निजी
Read Moreपरीक्षा की घड़ी आई।सोचो बच्चो करो पढ़ाई।।सुबह-सुबह उठकर पढ़ना।मन को बिल्कुल नहीं टालना।।किताब हमारी सच्ची दोस्त।ज्ञान दिलाए हर दिन रोज़।।डर
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