किताबों से स्क्रीन तक: बदलते समय में गुरु का असली अर्थ
(ज्ञान के साथ संस्कार और संवेदनशीलता ही शिक्षक की सबसे बड़ी पहचान है) डिजिटल युग में शिक्षा का स्वरूप तेजी
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Read More“बारिश केवल राहत नहीं, जिम्मेदारी की भी परीक्षा है — बिजली से सावधानी, घर में रहकर सुरक्षा और समाज में
Read Moreपंजाब में बाढ़ को केवल प्राकृतिक आपदा कहना सही नहीं होगा। नदियों का स्वरूप, असामान्य बारिश और जलवायु परिवर्तन तो
Read Moreजब विद्यालय शिक्षण का केंद्र नहीं रहते, तो शिक्षा व्यापार बन जाती है। हर तीसरा स्कूली छात्र प्राइवेट कोचिंग ले
Read Moreलोकतंत्र में असहमति और आलोचना आवश्यक हैं, लेकिन जब यह अभद्रता और घृणा का रूप ले लेती है, तो समाज
Read Moreदादा गौतम उर्फ़ हरियाणा के विधायक रामकुमार गौतम द्वारा विधानसभा में उठाया गया मुद्दा केवल विवाह की सहमति भर का
Read Moreसोशल मीडिया की चमक-दमक के शोर में किताबों का स्वर कहीं खो गया है। इंस्टाग्राम और डिजिटल मीडिया का दौर
Read Moreसमर्पण, सेवा और संगठन की सौ वर्षीय यात्रा से विश्वगुरु भारत की ओर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष केवल
Read Moreहर चौथा पद खाली: पशु चिकित्सकों की कमी से जूझता भारत, ग्रामीण पशुपालन पर संकट और किसानों की आय पर
Read Moreजब फ़ोन और फ़ीलिंग्सदोनों मौन हो जाएँ,तब आत्मा का सूना आँगनआँखों की ओस से भर जाता है। ज्ञान की दीवारेंकितनी
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