राखी के धागों में बँधी दुआएँ
राखी के धागों में बँधी दुआएँ,हर साल बहना की आँखें भर लाएँ।सपनों में जब भी तू आता है भैया,मन आँगन
Read Moreराखी के धागों में बँधी दुआएँ,हर साल बहना की आँखें भर लाएँ।सपनों में जब भी तू आता है भैया,मन आँगन
Read Moreराखी का ये प्यारा त्यौहार,भाई-बहन के रिश्ते का उपहार।नन्ही कलाई पर बंधी एक डोर,भावनाओं से भरी, स्नेह का शोर। हर
Read Moreभारत में नदियों, पहाड़ों और जल स्रोतों के साथ हो रहा खिलवाड़ अब आपदाओं का कारण बन रहा है। लालचवश
Read Moreचार बजा —न दिन जगा, न पंछी बोले,पर उसकी पलकों परएक टूटा सपना काँप उठा। धीरे-धीरे उठी —जैसे कोई सूखी
Read Moreसुबह के चार बजे थे। बाहर अभी भी अंधेरा पसरा था, मगर प्रियंका की नींद खुल चुकी थी। अलार्म बजने
Read Moreमाथे पर चुप बैठी मैं,जैसे चाँदनी का एक बिंब –किंतु पूछते हो मुझसे,“तुम हो कौन, इस रंग में लिपटी?” मैं
Read Moreराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट ने चौंकाने वाला सच उजागर किया है कि 15 से 18 वर्ष की उम्र की
Read Moreविवाह अब त्याग और समर्पण की बजाय स्वार्थ और स्वतंत्रता की शरण में चला गया है। अनेक मामले सामने आ
Read Moreभारत में बच्चों की शिक्षा को लेकर सबसे बड़ा संकट केवल गरीबी या संसाधनों की कमी नहीं, बल्कि धार्मिक पाखंड
Read Moreराखी का ये बंधन प्यारा,सावन सा भीगा-सारा।तेरी कलाई पे जो लिपटा है,वो मेरा सारा सहारा। न कोई माँगा धन-संपत्ति,न माँगा
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