शिव स्वर
कैलाश से जब स्वर गूंजे,मनुष्य का मन आनंदित हो जाए।नीलकंठ बन दुख सह ले,सबका जीवन दीपित हो जाए। त्याग और
Read Moreबांग्लादेश के हालिया आम चुनावों में बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) ने तारिक रहमान के नेतृत्व में प्रचंड बहुमत के साथ
Read Moreसमाज में कुछ धारणाएँ इतनी गहरी पैठ बना लेती हैं कि वे सवालों से परे सत्य मान ली जाती हैं।
Read Moreकोटा में एक और छात्रा की आत्महत्या—यह कोई साधारण खबर नहीं है और न ही किसी एक परिवार की निजी
Read Moreपरीक्षा की घड़ी आई।सोचो बच्चो करो पढ़ाई।।सुबह-सुबह उठकर पढ़ना।मन को बिल्कुल नहीं टालना।।किताब हमारी सच्ची दोस्त।ज्ञान दिलाए हर दिन रोज़।।डर
Read Moreआओ ज्ञान का गीत सुनाएँ।किताबों का उत्सव मनाएँ।। सोच को नई धार दें हम।पन्नों से उजाला लाएँ।। अज्ञान के सारे
Read Moreकिसी भी सभ्य समाज की पहचान उसके उत्सवों से नहीं, बल्कि उसके शोक से होती है। समाज दुःख को किस
Read Moreखामोशी में बैठे, सब नियम बताते हैं,सच छुपाने को ही धर्म बतलाते हैं।जो अपनी आवाज़ खो चुके, वही हुक्म लगाते
Read Moreहरियाणा में गुमशुदगी के बढ़ते मामले अब केवल पुलिस रजिस्टरों या अख़बारों की सुर्खियों तक सीमित नहीं रहे हैं। ये
Read Moreआज के दौर में स्वास्थ्य को लेकर हमारी सोच तेजी से बदली है। आधुनिक जीवनशैली, तकनीक, महंगी चिकित्सा सुविधाएँ और
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