Author: *डॉ. प्रियंका सौरभ

राजनीति

डेटा की दलाली और ऋण की रेलमपेल : निजी बैंकों का नया लोकतंत्र

“नमस्ते महोदय/महोदया, क्या आप व्यक्तिगत ऋण लेना चाहेंगे?” कभी दोपहर की झपकी के बीच, कभी सभा के समय, कभी मंदिर

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सामाजिक

साध्वी बनने का नया ट्रेंड: त्याग की ओट में सुख का ब्रांड?

बचपन में हम सुनते थे कि साध्वी वह होती है जो मोह, माया, श्रृंगार, आकर्षण और सांसारिक जिम्मेदारियों से ऊपर

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