Author: *डॉ. प्रियंका सौरभ

शिक्षा एवं व्यवसाय

बीएसएनएल के बाद अब सरकारी स्कूलों की बारी

जब भी कोई सरकार राष्ट्रहित की बातें करती है, तो नागरिकों को यह समझना चाहिए कि इन कथित राष्ट्रहितों से

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धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

हरियाली तीज: परंपरा की जड़ें और आधुनिकता की डालियाँ

हरियाली तीज केवल श्रृंगार, झूला और व्रत का पर्व नहीं, बल्कि भारतीय स्त्री के आत्मबल, प्रेम और प्रकृति से जुड़ाव

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राजनीति

गिरती छतें, गिरती ज़मीर: झालावाड़ हादसा और हमारे निर्माण की नींव में छुपी मौत”

राजस्थान के झालावाड़ में स्कूल की छत गिरने से मासूम बच्चों की जान चली गई। खबर आते ही दिल दहल

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राजनीति

युवा देश, वृद्ध नेतृत्व: क्या लोकतंत्र में उम्र जनादेश से बड़ी है?

भारत आज संसार का सबसे युवा देश है। हमारी जनसंख्या का लगभग पैंसठ प्रतिशत भाग पैंतीस वर्ष से कम आयु

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शिक्षा एवं व्यवसाय

संस्थाएं डिग्रियां नहीं, ज़िंदगियां दें — तभी शिक्षा का अर्थ है*

भारत में शिक्षा संस्थान अब केवल डिग्रियों की फैक्ट्री बनते जा रहे हैं, जहां बच्चों की संभावनाएं और संवेदनाएं दोनों

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