Author: *डॉ. प्रियंका सौरभ

भाषा-साहित्य

एक दिवस में क्यों बंधे, हिन्दी का अभियान। रचे बसे हर पल रहे, हिन्दी हिन्दुस्तान।।

हिंदी दिवस केवल एक औपचारिक उत्सव न रह जाए, बल्कि यह हमारी चेतना और जीवन का स्थायी हिस्सा बने। भाषा

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शिक्षा एवं व्यवसाय

शिक्षक सम्मान: सच्चे समर्पण की पहचान और पारदर्शिता की आवश्यकता

सच्चे पुरस्कार का मूल्य उस कार्य में निहित है, जो किसी व्यक्ति ने समाज और समुदाय के लिए किया है।

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राजनीति

नेपाल का ऑनलाइन लॉकडाउन: आज़ादी पर सवाल

नेपाल सरकार ने 26 बड़े सोशल मीडिया और संदेश भेजने वाले मंच—जिनमें फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और एक्स (पहले ट्विटर)

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राजनीति

एससीओ 2025 और भारत की तीन-स्तंभ रणनीति : सुरक्षा, संपर्क और अवसर

भारत की भूमिका और तियानजिन घोषणा की उपलब्धियों का मूल्यांकन तियानजिन में आयोजित 25वें एससीओ शिखर सम्मेलन 2025 ने भारत

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सामाजिक

किताबों से स्क्रीन तक: बदलते समय में गुरु का असली अर्थ

(ज्ञान के साथ संस्कार और संवेदनशीलता ही शिक्षक की सबसे बड़ी पहचान है)  डिजिटल युग में शिक्षा का स्वरूप तेजी

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राजनीति

पंजाब में बाढ़ आखिर क्यों – क्या प्रकृति रुष्ट है?

पंजाब में बाढ़ को केवल प्राकृतिक आपदा कहना सही नहीं होगा। नदियों का स्वरूप, असामान्य बारिश और जलवायु परिवर्तन तो

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