राजनीति और अंतरात्मा (व्यंग्य)
अंतरात्मा की आवाज सुनते हुएवो महानुभव राजनीति में आ गया,तोड़फोड़ दंगा फसाद कराकरनव नेता जी सबके दिलों में छा गया,इस
Read Moreअंतरात्मा की आवाज सुनते हुएवो महानुभव राजनीति में आ गया,तोड़फोड़ दंगा फसाद कराकरनव नेता जी सबके दिलों में छा गया,इस
Read Moreकौन रोक सकता है मुझेअपनी लक्षित राहों में अनवरत जाने से,आशातीत सफलता पाने से,न ये न वो न दोस्त न
Read Moreकर नहीं पा रहा कुछ भीछोटा है तो छोटा ही सोचे,हंस हंस कर लोग बोलेखिसियानी बिल्ली खंभा नोचे,बहुत उम्मीद पाल,जल्द
Read Moreदस साल से ऊपर हो गयामेरे पिताजी को दुनिया छोड़े,कभी भी नहीं सपने में कहाकि खिलाना पितृपक्ष में थोड़े,जो छोड़
Read Moreकौन हितैषी,दुश्मन कौनये हम को पहचानना होगा,किसी की झूठी बातों कोआंख मूंद नहीं मानना होगा,बनके आएंगे बहुत हितैषी,मंशा पाले वो
Read Moreजहां उन्नति की आवश्यकता थीवहां के विकास के बारे में हमनेएक बार भी नहीं सोचा,जब जहां जिस जगह को पायाबुरी
Read Moreकिसी की सफलता पर ईर्ष्या करनाहां कुछ लोगों को बहुत भाता है,क्योंकि उन्हें बस सिर्फ यहीं काम आता है,खैर हद
Read Moreआपके तथाकथित भगवान कोआपने सिर्फ फोटो में दिखाया मुस्कुराते,मगर हमने देखा है अपने महापुरुषों कोमुस्कुराते,हाथ ऊपर उठा लहराते,जिन्होंने सारी उम्र
Read Moreजिंदगी में पल पल हम तोअपमान का घूंट पीते हैं,मिट्टी में डाल सब कुछ यारासब कुछ भुला कर जीते हैं,जीना
Read Moreहमारे न किए गए गुनाहों कीसजा मुक़र्रर है साहब,हमारी पैदाइश गलत नहीं हो सकताआपके नियम गड़बड़ है साहब,पैदा होते ही
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