संवैधानिक रास्ता चुनो
मत भूलिए कि संविधान नेसबको अपनाया है बराबर,कर दिया सबको समबाधाएं,अवरोध हटा कर,क्या देशी विदेशी और क्या मूलनिवासी,सब बन चुके
Read Moreमत भूलिए कि संविधान नेसबको अपनाया है बराबर,कर दिया सबको समबाधाएं,अवरोध हटा कर,क्या देशी विदेशी और क्या मूलनिवासी,सब बन चुके
Read Moreभई पढ़ा लिखा हूं मैंऔर तुम कहते रहे हो मुझे अनपढ़ गंवार,क्योंकि मेरे इसी रूप से है तुझे प्यार,गर मैंने
Read Moreराजा की बादशाहत कम करने के लिएजंगल के सभी जानवर मीटिंग में आए,अपनी ओर से सबने सुझाव सुझाए,बैठक में हाथी
Read Moreजब तक निःस्वार्थ भाव सेकोई जुड़ा रहता है समाज सेवा में,तब तक उनका ध्यानरत्ती भर नहीं जाता मलाई व मेवा
Read Moreअपने आप आती है बारिश,थमने नहीं स्वीकारती कोई गुजारिश,आंधी के आने का कोई काल नहीं है,जिसे रोकने के लिए कोई
Read Moreसात्विक मन से पुकारोया तामसिक मन सेयहां कोई किसी का सुनने वाला नहीं है,एक सत्य जितनी जल्दी समझ सकते होतो
Read Moreकूड़े से पन्नी बीनने के लिए दिन भर इधर उधर सड़क पर घूमते रहना ही
Read Moreराजा राजा कहकर किसी कोइतना भी न चढ़ाओ किवह अपनी मर्यादा भूल जाए,तुम्हें अपनी प्रजा समझकरकर्तव्य भूल सताए,गए दौर राजे
Read Moreमोहब्बत ही मोहब्बत भरी मेरे अंग अंगक्यों करूं मोहब्बत किसी और को टूट,सफेदपोश बनकर बैठे हैं कई रहबरमन से लेकर
Read Moreबात बात और समय कुसमयये क्यों हो जाता है इमोशनल,कभी भी नहीं हुआ प्रोफेशनल,पता नहीं इमोशनल होके ये क्या पाता
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