गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 16/10/202516/10/2025 ग़ज़ल इल्ज़ाम चोरी के तुम लगाया न करो।झूठी ऐसी बात तुम फैलाया न करो।। डायरी मेरी छुपा कहा ले गयीं।बातें बेवजह Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 16/10/202516/10/2025 ग़ज़ल न करना हमसे कोई बहाना, अभी तो आहट चटक रही है।तभी बनाया हमें जो अपना, वह साँस अब तक धड़क Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 16/10/202517/10/2025 ग़ज़ल चल रहे हो जो कँटीली ये डगर हो जाएगी।तुम हटा दो जो उन्हें तो क्या क़हर हो जाएगी।। आज जीते Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 20/09/202520/09/2025 ग़ज़ल रहे जो ज़िंदगी घुटती, बदलना सीख पाएँगे।सदा ही आफ़तों में हम, बहलना सीख पाएँगे।। चले आँधी-अँधड़ रुकना, नहीं वाज़िब हमारा Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 15/09/202515/09/2025 ग़ज़ल हैं रचे उपनिषद वह वरदान है हिंदी हमारी।आन हिंदी बान हिंदी, शान है हिंदी हमारी। आज रामायण पढ़ें मिलता हमें Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 04/09/202504/09/2025 ग़ज़ल काम किए बिन देख निकाले जायेंगे।चलते – चलते पड़ ही छाले जायेंगे।। दीवानेपन की हद ही हो जाती है।प्यार बिना Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 24/08/202524/08/2025 ग़ज़ल आज लोरी अब गाकर सब भुला दो मुझको।एक बच्चा ही समझ देख सुला दो मुझको।। साँस पर साँस लिए भार Read More
कविता *रवि रश्मि 'अनुभूति' 24/08/202524/08/2025 किसी राह में किसी मोड़ पर किसी राह में किसी मोड़ परजो टकरा जाओ कहीं अनजान शिलाओं सेया अचानक आ खड़ी हो मौत सामनेजो देती नहीं Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 24/08/202524/08/2025 ग़ज़ल आज ही झोंके हवा के देख सहलाने लगे।ये नज़ारे देख हमको आज बहलाने लगे।। वो खुले मैदान थे दौड़ा जहाँ Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 22/08/202522/08/2025 ग़ज़ल खूब ही जब भी उछाली जाएगी।बात फिर कैसे सँभाली जाएगी।। बदगुमां दिल हो न जाए अब कहीं।जो क़बूली वह न Read More