गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 26/07/202526/07/2025 ग़ज़ल किसी बात पर मुस्कुरा कर चले हैं।अभी हर खुशी वो लुटा कर चले हैं।। दिया साथ कब है किसी ने Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 16/07/202516/07/2025 ग़ज़ल धर्म के बल पर फँसाया जा रहा है।खूब ही अब ज़ुल्म ढाया जा रहा है। बात खुलकर सामने आयी नहीं Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 13/07/202513/07/2025 ग़ज़ल देख हर बार तुमको बुलाते रहे।तुम मगर रोज़ हमको सताते रहे।। चाहतें थीं हमारी पुरकशिश तभी।जो कई बार तुमको जताते Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 12/07/202512/07/2025 ग़ज़ल सजी देख महफ़िल चलो आज गा दें।मुहब्बत भरी अब ग़ज़ल ही सुना दें।। महीना यही देख सावन लुभाया।लगी आग दिल Read More
कविता *रवि रश्मि 'अनुभूति' 10/07/202510/07/2025 गुरु पूर्णिमा गुरु ने पढ़ाया हमेंइतना सिखाया हमेंगुरु-ज्ञान बिना यहजीवन अधूरा है। माता पहली गुरु होतीबच्चों का है मल धोतीसारे ही संस्कार Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 28/06/202528/06/2025 ग़ज़ल डूब न जाये कश्ती कहीं हौसला अपार ज़िंदा रख।डगमगाये नहीं मझधार में पतवार ज़िंदा रख।। मानवता की बन मिसाल कहीं Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 27/06/202527/06/2025 ग़ज़ल हम उन्हीं के सभी गीत गाते रहे।जा उन्हें हम सदा ही मनाते रहे।। वो अदा क्या रही जो हमें भा Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 21/06/202521/06/2025 ग़ज़ल अभी तो चाहतों के फूल दिल में खूब खिलने दे।सभी अरमान जो पलते हृदय में हैं मचलने दे।। मिली हैं Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 20/06/202520/06/2025 ग़ज़ल चाहा तुमको हमने इतना।इन आँखों के नूर रहे हो।। बेदर्द तुम्हीं बनते फिरते।लगता एक फ़ितूर रहे हो।। तुम तो जैसे Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 12/06/202512/06/2025 ग़ज़ल अब चलो किसी की तस्वीर लगाई जाए।ग़ैर की भी अब तक़दीर बनाई जाए।। लक्ष्य साधे न सधे देखना हमको ही Read More