गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 12/11/202512/11/2025 ग़ज़ल रहा यह देश वीरों का, सभी इसको सँभालेंगे।कभी आये कोई दुश्मन, तभी उसको हकालेंगे।। उड़े जाते सभी अब तो, सुनो Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 12/11/202512/11/2025 ग़ज़ल बढ़े हैं क़दम ही भी इधर धीरे- धीरे।मिलेगी सुहानी अभी डगर धीरे-धीरे।। करो प्यार दिल से निभाना ज़रूरी।तभी हो रहेगा Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 08/11/202510/11/2025 ग़ज़ल चाँद जब उतरा ज़मीं पर चाँदनी ही छा गयी।ख़ूबसूरत इस फ़ज़ा में ख़ुशनुमाई आ गयी।। माना है महबूब तुमको गर Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 28/10/202528/10/2025 ग़ज़ल आज ज़ख़्मी हो यही तो ज़िन्दगानी रह गई।की मुहब्बत तो किसी की बन दिवानी रह गई।। अक्स देखा सामने तो Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 25/10/202525/10/2025 ग़ज़ल दिल लगाते रहो संग गाते रहो।साथ रिश्ते सभी के निभाते रहो।। मुफ़लिसी में रहे लोग जो भी दिखें।बात इंसानियत की Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 22/10/202522/10/2025 ग़ज़ल लो खुशी के अभी गीत गाते रहो।मुस्कुरा कर दिवाली मनाते रहो।। पूजना आज लक्ष्मी तभी आएगी।भोग देखो सभी ही चढ़ाते Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 21/10/202521/10/2025 ग़ज़ल न करना हमसे कोई बहाना, अभी तो आहट चटक रही है।तभी बनाया हमें जो अपना, वह साँस अब तक धड़क Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 18/10/202518/10/2025 ग़ज़ल जीवन भर मुस्काते रहना।कलियाँ तुम खिलाते रहना।। ख़ुशबू तुम फैलाते जाओ।जीवन को महकाते रहना। श्रम तुम तो करते ही जाओ।शैल-शिखर Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 17/10/202517/10/2025 ग़ज़ल न करना हमसे कोई बहाना, अभी तो आहट चटक रही है।तभी बनाया हमें जो अपना, वह साँस अब तक धड़क Read More
गीतिका/ग़ज़ल *रवि रश्मि 'अनुभूति' 16/10/202516/10/2025 ग़ज़ल जो बोया गया बीज वही फल गया।जो आया था तूफ़ान वह टल गया।। नाव तैरायी तो थी बड़े शौक से।था Read More