Author: प्रो. आरके जैन 'अरिजीत'

सामाजिक

गरीब मरीज पूछ रहा है— क्या मेरा जीवन इतना सस्ता है?

स्वास्थ्य व्यवस्था की असली परीक्षा अस्पतालों की इमारतों से नहीं, मरीज को समय पर मिलने वाले उपचार से होती है।

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सामाजिक

परदेस से आई उम्मीदें, दिल्ली की आग में राख हो गईं

कुछ त्रासदियाँ सिर्फ जानें नहीं लेतीं, वे इंसानियत की चेतना को भी झकझोर देती हैं। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित

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विज्ञान

साइबर सुरक्षा का नया सच: जितना भरोसा, उतना बड़ा जोखिम

आज हमारी बैंकिंग, निवेश, सरकारी सेवाएं, सामाजिक संपर्क और व्यावसायिक गतिविधियां पासवर्डों की सुरक्षा पर निर्भर हैं। इसी कारण पासवर्ड

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शिक्षा एवं व्यवसाय

पेपर लीक की आड़ में डिजिटल शिक्षा पर अंजना का ‘दो कौड़ी’ तंज

भारतीय शिक्षा जगत में यह शायद ही पहले कभी देखने को मिला हो कि एक टीवी स्टूडियो में कही गई

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सामाजिक

महंगाई की चक्की में पिसता वो अनाज, जिसकी रोटी सब खा रहे हैं

भारत की आर्थिक कहानी में एक ऐसा पात्र है जो हर अध्याय में मौजूद रहता है, लेकिन जिसकी पीड़ा अक्सर

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पर्यावरण

गर्मी में प्यास, बारिश में सैलाब : विकास के मॉडल पर बड़ा सवाल

21वीं सदी का भारत एक कड़वी विडंबना के दौर से गुजर रहा है। एक ओर देश अंतरिक्ष में नई ऊंचाइयां

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राजनीति

नया न्यायिक सवेरा – जब न्याय समय पर मिले, तो हर घाव भर जाता है

भारतीय न्याय व्यवस्था में कुछ फैसले केवल कानूनी आदेश नहीं होते, बल्कि बदलाव की नई दिशा तय करते हैं। 29

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इतिहास

खामोशी से भी ऊँची आवाज़ छोड़ जाने वाला नाम : बशीर बद्र

“उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो…” बशीर बद्र की यह पंक्ति आज स्वयं एक विदाई का सन्नाटा बनकर

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सामाजिक

न त्याग की मूर्ति, न कमाई का बोझ : बस दो इंसान, एक सफर

भारतीय विवाह व्यवस्था लंबे समय तक एक मौन धारणा पर टिकी रही—पुरुष कमाएगा, स्त्री बिना सवाल घर संभालेगी। इसी सोच ने

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शिक्षा एवं व्यवसाय

सीबीएसई का डिजिटल प्रयोग बना छात्रों की सबसे बड़ी परीक्षा

जब सुधार के नाम पर व्यवस्था ही संकट बन जाए, तब शिक्षा तंत्र पर सवाल उठना स्वाभाविक है। सीबीएसई ने

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